Pensioners News: पारिवारिक पेंशन को लेकर भारत की सुप्रीम कोर्ट द्वारा महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कोर्ट द्वारा यह निर्णय दत्तक पुत्र यानी गोद लिए बच्चे के लिए है। यह फैसला कई लोगो के जीवन पर प्रभाव डालेगा इस फैसले में कोर्ट द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि दत्तक पुत्र को पारिवारिक पेंशन लेने का हक़ है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कहा गया कि पति की मृत्यु के बाद अगर उसकी विधवा पत्नी किसी बच्चे को गोद लेती है, तो वह बच्चा पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं ले सकता। कोर्ट ने कहा केंद्रीय सिविल सेवा अधिनियम 54(14) बी के तहत तथा 1972 के सीसीएस पेंशन नियम के अनुसार, गोद लिया हुआ बच्चा पारिवारिक पेंशन का हकदार नहीं होता।
लेकिन इस दत्तक पुत्र को मिल सकती है पारिवारिक पेंशन
कोर्ट द्वारा जारी आदेश अनुसार सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने जीवन काल में बच्चा गोद लिया है तो वह बच्चा पेंशन का हक़दार होगा।
जानकारी के अनुसार जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ द्वारा की 30 नवंबर 2015 को मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है।
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बच्चा गोद लेने का नियम
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई के दौरान अपने निर्णय में कहा कि अधिनियम की धारा 8 और 12 के अनुसार एक हिंदू महिला जो नाबालिग और मानसिक रूप से अस्वस्थ नही है वह बेटा या बेटी को गोद ले सकती है। लेकिन इसके लिए नियम में एक प्रावधन किया गया है कि महिला के पति की स्पष्ट सहमति होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि पति की मृत्यु पश्चात विधवा स्त्री द्वारा ली गई संतान किसी भी हाल में पारिवारिक पेंशन की हकदार नही होगी।
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